Mukhyamantri Gramin Pashudhan Udyojakta Yojana: महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था एवं लक्ष्य विकसित महाराष्ट्र 2047 की नीव रखते हुवे “मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना” की शुरुवात की गई है। यह योजना सामान्य सहायता योजना नहीं है, बल्कि इसे एक फ्लैगशिप (Umbrella Scheme) के रूप में शुरू किया जा रहा है। जिससे किसानो एवं पशुपालको को एकसाथ कई योजनाओ का सीधा लाभ दिया जा सके।
इस योजना के अंतर्गत यह पशु स्वास्थ्य, चारा विकास, चारा और पशुधन प्रबंधन के लिए पशुपालको को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। राज्य में किसानी एवं पशुपालन योजना को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु यह योजना पुरे राज्य में चलाई जा रही है।
इस योजना के तहत, दुधारू गायों/भैंसों की खरीद, बकरी पालन और मुर्गी पालन के लिए 50% से 75% तक की सब्सिडी (11 लाख रुपये तक) प्रदान की जाती है, और पशु शेड और उपकरणों के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। यदि आप भी महाराष्ट्र से है और Mukhyamantri Gramin Pashudhan Udyojakta Yojana के तहत लाभ प्राप्त करना चाहते है तो इस लेख को अंत तक पढ़े।
Mukhyamantri Gramin Pashudhan Udyojakta Yojana 2026 Overview
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना |
|---|---|
| राज्य | महाराष्ट्र |
| विभाग | पशुसंवर्धन व दुग्ध व्यवसाय विभाग |
| उद्देश्य | पशुपालन के जरिए आय बढ़ाना |
| लाभार्थी | किसान, पशुपालक, महिला समूह |
| योजना शुरू | 2026 |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन / ऑफलाइन |
Mukhyamantri Gramin Pashudhan Udyojakta Yojana
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्रजी फडणवीस द्वारा राज्य के किसानो को स्थिर आय प्रदान करने और उन्हें उद्यमिता के माध्यम से आय में वृद्धि करने हेतु 09 मार्च 2026 “Mukhyamantri Gramin Pashudhan Udyojakta Yojana” को मंजूरी दे दी गई है, और पुरे महाराष्ट्र राज्य में लागू की गई है।
योजना में दुग्ध पशु समूह आवंटन योजना, बकरी/भेड़ पालन योजना, मुर्गी पालन योजना, चारा विकास योजना, जलपौधों से चारा उत्पादन, TMR (Total Mixed Ration) मशीन, कड़ाबा कुट्टी मशीन, पशु प्रजनन योजना, बछड़ा/पड़दी पोषण योजना आदि शामिल है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता योजना का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र के ग्रामीण युवाओं को रोजगार देना और पशुपालकों को व्यवसायी के रूप में विकसित करना है। जिसके लिए पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, बकरी-भेड़ पालन और कुक्कुटपालन को बढ़ावा देने के लिए लाभार्थी पशुपालको एवं किसानो को 50% से 75% तक अनुदान (Subsidy) प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता विकास योजना के लिए पात्रता
- आवेदक महाराष्ट्र राज्य के स्थाई निवासी होने चाहिए।
- योजना का लाभ छोटे एवं सीमांत किसानो, और पशुपालको को दिया जाता है।
- ग्रामीण क्षेत्र के किसानो को प्राथमिकता दी जाएगी।
- आवेदक किसान की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- महाडिबीटी (MahaDBT) पोर्टल पर पशुपालक का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए।
- लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सिमा से अधिक नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता विकास योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- परियोजना रिपोर्ट – पशुपालन इकाई स्थापित करने का विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पशुपालन का अनुभव प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
Mukhyamantri Gramin Pashudhan Udyojakata Vikas Yojana Online Apply
- मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्योजकता विकास योजना के लिए आवेदन करने हेतु नजदीकी पशुविभाग के कार्यालय में भेट दे।
- इसके बाद कर्मचारी से योजना की जानकारी ले और आवेदन फॉर्म प्राप्त करे।
- अब आवेदन फॉर्म में किसान को अपनी पूरी जानकारी दर्ज करनी है, जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, बैंक विवरण आदि।
- आवेदन के साथ दस्तावेज जोड़े और पशुविभाग के कार्यालय में जमा करे।
- आवेदन जमा करने के बाद कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा।
- ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसान की kyc की जाएगी।
- अब किसान/पशुपालक को रसीद दी जाएगी।
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